नई दिल्ली। सोमवार को पीएम मोदी की अध्यक्षता में एनडीए की बैठक हुई। इसमें यह तय किया गया कि पीएम मोदी 2019 में होने वाले लोकसभा चुनाव में भी एनडीए का चेहरा होंगे। यह फैसला सोमवार आधी रात तक चली एनडीए के 33 घटक दलों की बैठक में लिया गया। सोमवार को हुई इस बैठक में सभी दलों ने पीएम मोदी के नेतृत्व को देशहित में बताया।
चुनाव जीतने में लगातार असफल हो रहे कांग्रेस उपाध्यक्ष राहुल गांधी पर कई बार उनकी पार्टी के अंदर से ही सवाल उठे हैं. अब हाल ही में कांग्रेस छोड़कर भारतीय जनता पार्टी में शामिल हुए गोवा के विश्वजीत राणे ने राहुल पर निशाना साधा है. विश्वजीत का कहना है कि राहुल गांधी एक गंभीर नेता नहीं हैं, वह एक नॉन सीरियस लीडर हैं. विश्वजीत बोले कि अगर कांग्रेस राहुल के नेतृत्व में रही तो 2019 में वह मात्र 20 सीटों पर सिमट जाएगी.
पूर्व प्रधानमंत्री मनमोहन सिंह ने संसद द्वारा वस्तु एवं सेवा कर (जीएसटी) विधेयकों को पारित किए जाने का स्वागत किया। हालांकि, उन्होंने इस बात को नजर अंदाज करने का प्रयास किया कि जीएसटी उनके कार्यकाल में पारित नहीं हो पाया। उन्होंने कहा कि जो बीत गया वो बीत गया। पूर्व प्रधानमंत्री ने कहा कि यह नई अप्रत्यक्ष कर व्यवस्था पासा पलटने वाली होगी। हालांकि, इसके साथ ही उन्होंने आगाह किया कि इसके क्रियान्वयन में कुछ दिक्कतें आ सकती हैं।
बीजिंग। दलाई लामा की भारत यात्रा को लेकर चीन भड़का हुआ है। चीन ने कहा है कि भारत दलाई लामा का इस्तेमाल चीन को परेशान करने के लिए कर रहा है। इस आरोप का जवाब खुद दलाई लामा ने दिया है। उन्होंने कहा कि भारत ने मेरा इस्तेमाल नहीं किया है।
दलाई लामा ने कहा है कि ‘मैं भारतीय सरकार का बहुत लंबे वक्त से मेहमान हूं, भारत ने मेरा बहुत ध्यान रखा है। उन्हें (चीन) को मुझे राक्षस कहना है तो भी कह लें, मुझे कोई परेशानी नहीं है।’ उन्होंने कहा कि ‘मैं जहां भी जाता हूं प्राचीन भारतीय संस्कृति के बारे में बात करता हूं। अहिंसा, करुणा, संहिष्णुता की बात करता हूं।’
सरकारी अखबार ‘ग्लोबल टाइम्स’ के अनुसार 14वें दलाई लामा की तवांग यात्रा से चीन-भारतीय संबंधों को नुकसान पहुंचेगा क्योंकि चीन ने दलाई लामा को अरुणाचल प्रदेश की यात्रा के लिए आमंत्रित किए जाने का विरोध किया था। अखबार ने एक विशेषज्ञ के हवाले से कहा, ‘‘भारत दलाई लामा की यात्रा का इस्तेमाल चीन को परेशान करने के लिए कर रहा है।’’
लखनऊ। उत्तर प्रदेश में भाजपा की सरकार बनने के बाद सपा नेताओं का उसकी तरफ झुकाव नजर आ रहा है। पिछले दिनों मुलायम सिंह की बहू अपर्णा के बाद अब सपा नेता शिवपाल यादव सीएम योगी आदित्यनाथ से मिलने पहुंचे।
शिवपाल यादव सुबह 11.30 बजे योगी आदित्यनाथ से कालीदास मार्ग स्थित घर पर मिलने पहुंचे।
इलेक्ट्रॉनिक वोटिंग मशीन (ईवीएम) में छेड़छाड़ और गड़बड़ी के आरोपों का सामना कर रहे चुनाव आयोग ने इसकी विश्वसनीयता साबित करने के लिए ओपन चैलेंज देने का फैसला किया है। पोल पैनल के सूत्रों के अनुसार, ”हम ओपन चैलेंज के लिए जल्द ही एक तारीख तय करेंगे।
2009 में भी चुनाव आयोग ने सभी के लिए ओपन चैलेंज जारी किया था जिसमें कहा गया था कि ईवीएम से छेड़छाड़ करके दिखाया जाए। कोई भी इसे साबित नहीं कर पाया था। उसके बाद से एक बार फिर इसको लेकर सवाल उठ रहे हैं।
नई दिल्ली: पूर्व रक्षा मंत्री मनोहर पर्रिकर गोवा के मुख्यमंत्री बनने के बाद शुक्रवार को राज्यसभा पहुंचे. पर्रिकर के राज्यसभा पहुंचने पर कांग्रेसियों ने जमकर हंगामा किया, लेकिन मुख्यमंत्री ने शांत रहते हुए गोवा में सरकार बनाने के लिए कांग्रेस के वरिष्ठ नेता दिग्विजय सिंह को धन्यवाद दिया. यह हंगामा कर रहे कांग्रेसियों के लिए पर्रिकर का एक करारा जवाब था.
दरअसल, कांग्रेसियों का आरोप था कि गोवा में बीजेपी ने सभी कायदे-कानूनों को किनारे करते हुए सरकार बनाई है. सबसे बड़ी पार्टी होने के बाद भी कांग्रेस वहां सरकार बनाने में असफल रही. राज्यसभा में शून्यकाल के दौरान पहुंचे मनोहर पर्रिकर ने अध्यक्ष, उपाध्यक्ष और अन्य सदस्यों को धन्यवाद दिया. राज्यसभा में पर्रिकर ने जैसे ही बोलना शुरू किया, कांग्रेस नेताओं ने हंगामा शुरू कर दिया, लेकिन इसी दौरान पर्रिकर ने दिग्विजय सिंह ने विशेष धन्यवाद दिया.
गौतमबुद्ध नगर जिले के ग्रेटर नोएडा में स्थानीय छात्र मनीष खारी की संदिग्ध परिस्थितियों में मौत के बाद नाइजीरियाई छात्रों पर हमले का मामला गरमाता जा रहा है। सोमवार शाम को हुए प्रदर्शन के दौरान नाइजीरियाई लोगों पर हमले को लेकर विदेश मंत्री सुषमा स्वराज ने मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ से रिपोर्ट मांगी थी।
इस पर यूपी सीएम योगी आदित्यनाथ ने आश्वासन दिया था कि पूरे मामले की निष्पक्षता से जांच कराई जाएगी। मुख्यमंत्री ने यह भी कहा था कि जांच बिना भेदभाव के होगी।
योगी आदित्यनाथ को मुख्यमंत्री बने हुए अभी 10 दिन भी पूरे नहीं हुए हैं, लेकिन उनकी सरकार एक के बाद एक बड़े-बड़े फैसले लेने से चूक नहीं रही है. एंटी रोमियो स्क्वाड और अवैध बूचड़खानों पर कार्रवाई के अलावा भी सीएम योगी कई ऐसे ऐलान कर रहे हैं, जो कि राज्य की जनता को त्वरित राहत पहुंचाने वाले हैं. योगी सरकार के ये ऐलान विरोधियों को भी हैरानी में डालने वाले हैं.
1) ढाई महीने में गड्ढामुक्त यूपी
सीएम योगी ने राज्य की सड़कों को ढाई महीने में गड्ढा मुक्त करने के निर्देश दिए हैं. गोरखपुर में बीजेपी कार्यकर्ताओं को संबोधित करते हुए उन्होंने कहा कि प्रदेश की सड़कें 15 जून तक गड्ढा मुक्त होनी चाहिए.
उत्तर प्रदेश के पूर्व मुख्यमंत्री और समाजवादी पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष अखिलेश यादव ने शनिवार को राज्य की नई नवेली योगी सरकार पर निशाना साधा और कहा कि 2022 के चुनाव में जब उनकी पार्टी दोबारा सत्ता में आएगी तो गंगाजल से मुख्यमंत्री आवास धुलवाएगी.